Posts
एक मात्र कल्पना है कि ध्यान में डूबने पर ऐसा होगा, वैसा होगा.......जो ध्यान को यथार्थ में उतार लेता है वो व्यक्ति असामान्य हो जाता है, वो अलग सा दिखता है भीड़ से जैसे हमारे सांसारिक समझदारो से एक पागल भिन्न सा दिखाई देता है.......जबकि जो आध्यात्मिक क्षेत्र के समझदार होते हैं वो उसे पहचान पाने की क्षमता रखते हैं......!!
- Get link
- X
- Other Apps
अब इनको शाकाहार में अड़चन मालूम हो रही है! क्योंकि ये कहते हैं, "शास्त्र कहते हैं कि जीव ही जीव का आहार है।"
- Get link
- X
- Other Apps
पास लोग आते हैं सारी दुनिया से और उनमें से न मालूम कितने लोग मुझसे आ कर कहते हैं, अक्सर, कि क्या बात है, भारतीय लोगों में कोई रस नहीं मालूम होता ध्यान में? क्या बात है? उनके भीतर कोई अभीप्सा नहीं मालूम होती! कोई उत्कृष्ट आकांक्षा नहीं मालूम होती!
- Get link
- X
- Other Apps
The only country in the world which has
- Get link
- X
- Other Apps
मेरे इस 40 साल के दुनिया के अनुभव से मैं आप मेरे मित्रों को यह बात शेयर कर रहा हूं कि इस जमाने में सिर्फ झूठ सिर्फ झूठ और से झूठ चलता है
- Get link
- X
- Other Apps
जो हां नहीं कहता, जो ना नहीं कहता, लेकिन पूरी तरह से व्यक्त
- Get link
- X
- Other Apps